मधेपुरा। अपनी उपयोगिता साबित करने में अब तक नाकाम रहा मेडिकल कॉलेज से नए वर्ष में काफी आशा व उम्मीदें है। नए वर्ष में इस जन नायक कर्पूरी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में छात्रों की पढ़ाई भी प्रारंभ हो जाएगी। एक फरवरी से इस मेडिकल कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई प्रारंभ होगी। इसके बाद हर वर्ष यहां एक सौ नए मेडिकल छात्रों का नामांकन होना प्रारंभ हो जाएगा।
मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई प्रारंभ होने के बाद मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी विस्तार हो जाने की भी उम्मीद है। प्रथम वर्ष के बाद से मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की कमी पूरी हो जाएगी। इसके अलावा नियमित पढ़ाई प्रारंभ हो जाने के बाद चिकित्सकों की संख्या जहां बढ़ने की उम्मीद है। वहीं अभी पदस्थापित चिकित्सक भी अपना पूरा समय देंगे। नए मेडिकल कॉलेज होने के कारण अभी यहां पदस्थापित सीनियर चिकित्सकों की अनुपस्थिति आम बात है। पटना व बाहर से यहां पदस्थापित किए गए चिकित्सक यहां ठहरना नहीं चाहते हैं। प्रथम वर्ष एक सौ नए छात्रों का नामांकन लिया जाना है। यद्यपि अब तक 94 छात्रों का नामांकन ही हुआ है। जनवरी प्रथम हफ्ता में माप-अप राउंड प्रारंभ किया जाएगा। इसमे शेष बचे छह और छात्रों का नामांकन भी ले लिया जाएगा। कोसी-सीमांचल के लोगों की बड़ी उम्मीद है मेडिकल कॉलेज से कोसी सीमांचल क्षेत्र के लोगों के लिए यह मेडिकल कॉलेज बड़ी उम्मीदें लेकर आई है। यद्यपि अब तक यह मेडिकल कॉलेज लोगों की उम्मीदें पर खरा नहीं उतर पाई है। उद्घाटन के साथ से ही लगातार मेडिकल कॉलेज विवादों में घिरी रही है। अधिकारियों, चिकित्सकों व कर्मियों की लापरवाह रवैये की वजह से अब तक मेडिकल कॉलेज अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पाई है। लापरवाह रवैये के कारण अगस्त में तत्कालीन अधीक्षक को विभाग के प्रधान सचिव द्वारा हटाया जा चुका है। इसके बावजूद भी कोई सुधार नहीं हो पाया है। प्राचार्य लगातार व्यवस्थाओं में सुधार लाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। नए साल में संस्थान को नए रूप में दिखाने की बात भी इन्होंने कही है।

